कानपुर कारोबारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा! बेटे ने कबूला जुर्म, बोला- ‘पापा के कई महिलाओं से संबंध थे’, नौकर को सुपारी देकर करवा दिया कत्ल

कानपुर: दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस ने उनके बेटे सुब्रत को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सुब्रत ने हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार करने की बात कही है। उसके मुताबिक, पिता के कई महिलाओं से संबंध थे और उनकी जीवनशैली को लेकर परिवार की बदनामी हो रही थी। उसने दावा किया कि इसी वजह से उसने अपने नौकर विशाल गौतम को सुपारी देकर पिता की हत्या करवा दी।

5 सितंबर को केशवपुरम स्थित रतन ऑर्बिट के फ्लैट नंबर सी-104 में विनीत मिनोचा की हत्या हुई थी। मामले में पुलिस ने कारोबारी की बहू शालू, पूर्व नौकर विशाल गौतम और राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। बेटे सुब्रत पर भी पुलिस को संदेह था और उस पर निगरानी रखी जा रही थी। तीनों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई और सुब्रत का उनसे आमना-सामना कराया गया। इसके बाद पुलिस के मुताबिक सुब्रत ने हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।

‘मैंने नौकर को दी थी सुपारी, पत्नी शालू बेगुनाह’

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के अनुसार, पूछताछ में सुब्रत ने कहा कि हत्या की सुपारी उसने ही अपने नौकर को दी थी और उसकी पत्नी शालू इस मामले में बेगुनाह है। सुब्रत ने आरोप लगाया कि उसके पिता के कई महिलाओं से संबंध थे और वह उन पर लाखों रुपये खर्च करते थे।

सुब्रत को आशंका थी कि उसके पिता किसी महिला से शादी कर सकते हैं और अपनी संपत्ति का कुछ हिस्सा उसे दे सकते हैं। उसने पुलिस को बताया कि पिता अक्सर अपनी महिला मित्रों की तस्वीरें भी उसे दिखाते थे, जिससे वह नाराज रहता था। पुलिस के मुताबिक, इसी पारिवारिक विवाद के चलते उसकी मां भी पति से अलग गाजियाबाद में रहती हैं।

हर महीने 40 हजार रुपये मिलते थे, फिर भी दुकान में चोरी की

पूछताछ में सुब्रत ने अपनी दुकान में चोरी करने की बात भी स्वीकार की। उसने बताया कि उसके पिता हर महीने उसे 40 हजार रुपये देते थे, लेकिन वह कर्ज में डूबा हुआ था। खर्च और कर्ज की किश्तें चुकाने के लिए उसने अपनी ही दुकान में सात-आठ बार चोरी की।

महंगी दवाओं की बिक्री को लेकर विशाल से भी था विवाद

सुब्रत ने पुलिस को बताया कि वह महंगी दवाएं अपनी गाड़ी में रखवा देता था और उसका नौकर विशाल उन्हें बेच देता था। जब यह बात पिता को पता चलती थी तो वह विशाल को डांटते थे। सुब्रत के मुताबिक, इसी वजह से विशाल भी उसके पिता से नाराज था। उसने इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए विशाल के जरिए हत्या की साजिश को अंजाम देने की बात कही।

तीन महीने पहले बनाई थी हत्या की योजना

पुलिस आयुक्त के मुताबिक, सुब्रत ने पूछताछ में बताया कि उसने हत्या की योजना करीब तीन महीने पहले बनाई थी। शुरुआत में विशाल ने हादसा करवाकर पिता की हत्या करने का सुझाव दिया था, लेकिन सुब्रत को यह योजना पसंद नहीं आई। इसके बाद घर के अंदर हत्या करने की योजना बनाई गई।

पुलिस के अनुसार, इस साजिश में विशाल ने अपने साथी राजकिशोर को भी शामिल किया। सुब्रत ने बताया कि वह राजकिशोर को पहले से नहीं जानता था।

CCTV की तार काटने और कमरे में छिपने की बनाई थी योजना

पुलिस के मुताबिक, सुब्रत ने विशाल को बताया था कि पड़ोस में एक सीसीटीवी कैमरा लगा है और उसका तार काट देना। इसके बाद दोनों फ्लैट के अंदर पहुंचते। योजना के मुताबिक, विशाल को सुब्रत के कमरे में छिपना था।

सुब्रत के अनुसार, पिता के सो जाने के बाद एक व्यक्ति उनके हाथ-पैर पकड़ता और दूसरा तकिए से उनका मुंह दबाता। हत्या के बाद दोनों अलग-अलग रास्तों से बाहर निकलने वाले थे। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम में आरोपियों की भूमिका और सुब्रत के बयानों की अन्य साक्ष्यों से जांच कर रही है।

Related posts